
है दर्द दोनों का एक जैसा
आ मिलकर इसे बाँट ले
जिसको तू चाहे,उसको तू ले ले
आ अपना अपना छांट ले॥
नैनो की बस एक कहानी है
नीला नीला सा पानी है
डूबे है जिसमें हम जैसे
क्या बस यही जिंदगानी है?
कोई रात तो हो ऐसी
जिसको हम जागकर काट ले॥
जीवन का ये कैसा चेहरा है ?
जिसे देख दर्पण भी हैरां है
साया भी धूप में जलता है
कौन कहाँ संग चलता है ?
चल!दो कदम चल के देख लें
एक दूजे का हाथ ले!
ज़ख्म कोई जब सहलाता है
छूते ही हरा हो जाता है
दिखता है जब कोई आँसू
मन कतरा कतरा बह जाता है
ले आ कहीं से नई मिटटी
और मन की बात ले!







