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कर दो..


ख़ामोशी भी दो पल जी ले
बात कोई आहिस्ता कर दो !
कोई रहे न मुझ सा तन्हा
तन्हाई को शीशा कर दो !
दो बातें तेरी और मेरी
शायद कुछ ऐसा बुन जाये
पहन जिसे नया रंग चढ़े फिर
खत्म पुराना किस्सा कर दो !
रात पहेली सी लगती है
आँखों में बरबस जगती है
इस से पहले चाँद छिपे फिर
दिल का एक कोरा हिस्सा कर दो !
मेहंदी के कुछ ज़ख्म हरे हैं
फिर भी दोनों हाथ भरे हैं
ऐसे भी एक उम्र कटे तो
जिंदगी से मेरा रिश्ता कर दो !

44 comments:

प्रवीण पाण्डेय

यही आशा सबकी मनों में पिरो दो।

संगीता स्वरुप ( गीत )

मेहंदी के कुछ ज़ख्म हरे हैं
फिर भी दोनों हाथ भरे हैं
ऐसे भी एक उम्र कटे तो
जिंदगी से मेरा रिश्ता कर दो !

बहुत सुन्दर रचना ...

vandana

wooww ..bautiful nd .heart touching :)

अनामिका की सदायें ......

pyar ke rishto me tum bhi aao apna aanchal bhar lo..

purane kisso ko bhulo aur nayi koi kahani ghad do...

राकेश कौशिक

"ख़ामोशी भी दो पल जी ले
बात कोई आहिस्ता कर दो !
कोई रहे न मुझ सा तन्हा
तन्हाई को शीशा कर दो!"


वाह वाह - वाह वाह - लाजवाब

Er. सत्यम शिवम

very nice...touching to my heart

Sonal Rastogi

वाह !
तन्हाई को शीशा कर दो
ख़त्म पुराना किस्सा कर दो

क्या बात है ...

shekhar suman

बहुत खूब..

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur)

रात पहेली सी लगती है
आँखों में बरबस जगती है
इस से पहले चाँद छिपे फिर
दिल का एक कोरा हिस्सा कर दो

बहुत अच्छी लगीं आपकी ये पंक्तियाँ
------------------------------------------------
कल 28/06/2011को आपकी एक पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही है-
आपके विचारों का स्वागत है .
धन्यवाद
नयी-पुरानी हलचल

इमरान अंसारी

बहुत ही खुबसूरत........दिल को छू लेने वाली पोस्ट......खासकर 'मेहंदी के कुछ ज़ख्म.......बहुत खूब.....लाजवाब|

संगीता स्वरुप ( गीत )

चर्चा मंच के साप्ताहिक काव्य मंच पर आपकी प्रस्तुति मंगलवार 28 - 06 - 2011
को ली गयी है ..नीचे दिए लिंक पर कृपया अपनी प्रतिक्रिया दे कर अपने सुझावों से अवगत कराएँ ...शुक्रिया ..

साप्ताहिक काव्य मंच-- 52 ..चर्चा मंच

Dr.Nidhi Tandon

दिल का एक हिस्सा कोरा कर दो.............सुन्दर अभिव्यक्ति....!!

वाणी गीत

जिंदगी से मेरा रिश्ता कर दो ...
यह आशा बनी रहे ...

नीलांश

sunder

tanhaai ko sheesha kar do ...nice

इमरान अंसारी

बहुत ही खूबसूरत पारुल जी........एक तराशी हुई नज़्म शुरू से आखिर तक उम्दा......वाह....शानदार

अरूण साथी

तन्हाई को शीशा कर दो।
बहुत सुंदर अभिव्यक्ति।

जीवन की सच्चाई।

जयकृष्ण राय तुषार

sundar bahut sundar kavita badhai parul ji

prerna argal

मेहंदी के कुछ ज़ख्म हरे हैं
फिर भी दोनों हाथ भरे हैं
ऐसे भी एक उम्र कटे तो
जिंदगी से मेरा रिश्ता कर दो !bahut hi badiyaa.gaharai liye hue bahut hi achchi rachanaa.badhaai.



please visit my blog.thanks.

वन्दना

बहुत सुन्दर रचना।

सदा

तन्हाई को शीशा कर दो
ख़त्म पुराना किस्सा कर दो

वाह ... बहुत ही अच्‍छी शब्‍द रचना ।

Maheshwari kaneri

आप के बलांग में पहली बार आई बहुत अच्छा लगा.
.रात पहेली सी लगती है
आँखों में बरबस जगती है
इस से पहले चाँद छिपे फिर
दिल का एक कोरा हिस्सा कर दो ....
आप की अभिव्यक्ति कुछ अलग सी है ..बहुत अच्छा लगा...
मेरे ब्लांग में भी आप का स्वागत है....

Chandra Bhushan Mishra 'Ghafil'

‘ख़ामोशी भी दो पल जी लें बात कोई आहिस्ता कर दो!’

बहुत ही सुन्दर रचना...क्या शालीन इल्तिजा

Mridula Harshvardhan

very touching

aap bhi aaiye

Naaz

रविकर

बहुत सुन्दर रचना ||

kase kahun?by kavita verma

menhadi ke kuchh jakham hare hai
fir bhi dono hath bhare hai...bahut sunder...

Sachin Malhotra

ऐसे भी एक उम्र कटे तो
जिंदगी से मेरा रिश्ता कर दो ! beautiful ..
मेरी नयी पोस्ट पर आपका स्वागत है : Blind Devotion - सम्पूर्ण प्रेम...(Complete Love)

वीना

जिंदगी से मेरा रिश्ता कर दो...
बहुत खूब...

श्रीप्रकाश डिमरी /Sriprakash Dimri

बहुत ही कोमल भाव संजोये शसक्त रचना
मेहंदी के कुछ ज़ख्म हरे हैं
फिर भी दोनों हाथ भरे हैं
ऐसे भी एक उम्र कटे तो
जिंदगी से मेरा रिश्ता कर दो !..
शुभकामनायें.....

Udan Tashtari

सुन्दर रचना पारुल!!! वाह!!

M VERMA

मेहंदी के कुछ ज़ख्म हरे हैं
फिर भी दोनों हाथ भरे हैं
ऐसे भी एक उम्र कटे तो
जिंदगी से मेरा रिश्ता कर दो !

जिन्दगी से रिश्ता तलाशती बहुत खूबसूरत रचना

अशोक सिँह रघुवंशी

इस से पहले चाँद छिपे फिर
दिल का एक कोरा हिस्सा कर दो !
.
.
मन को छू लेने वाली पंक्तियाँ........
आप को बहुत बहुत धन्यवाद....!!!

Ashish

waah.. bahut badhiya Parul.. bahut badhiya....

वाणी गीत

जिंदगी से मेरा रिश्ता कर दो ...
आशाएं फूलती फलती रहे ...

Mansoor Naqvi

bahut sunder.. shabdon ki jaadugari.. :)

जयकृष्ण राय तुषार

एक अद्भुत ,लाजवाब कविता /नज्म पारुल जी आपको बहुत बहुत बधाई और ढेरों शुभकामनायें |

Sarika Saxena

Hi Parul,

I have passed on an award to you :) Details are here

http://kraftaria.blogspot.com/2011/07/its-award-time.html

love Sarika

Vaneet Nagpal

पारुल जी,
नमस्कार,
आपके ब्लॉग को "सिटी जलालाबाद डाट ब्लॉगपोस्ट डाट काम"के "हिंदी ब्लॉग लिस्ट पेज" पर लिंक किया जा रहा है|

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kumar

bahut khoobsurat likha hai...

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देवेन्द्र पाण्डेय

बहुत खूब।