Friday, February 7, 2014

सुनो तुम !!



सुनो तुम
रख दो खुद को
यहीं-कहीं
मैं ढूंढ ही लूँगा
फुर्सत में !!
मैं जब कभी
खुद को कुरेदूंगा
तन्हाई से कह दूंगा
तुम्हे भी भेज दे
ख़ामोशी मेरी
गुमनाम से ख़त में !!
मैं देखूंगा
गर नींद जल्दी जगी
उसे फिर किसी
ख्वाब की तलब लगी
कहीं से तुमको ले आये
इश्क़ की सोहबत में !!
मैं खुद कुछ
मीठा रहूँगा
तुम्हे नमकीन कहूंगा
ज़िन्दगी की लज़्ज़त में !!
तुम मेरी
कोई भूल रखना
या कि याद का फूल रखना
अपने हँसने की आदत में !!




23 comments:

प्रवीण पाण्डेय said...

गहरी, सशक्त अभिव्यक्ति

Anonymous said...


baat dil ko lag gayi!

wordy said...


waah...kya khoob!

Onkar said...

सुन्दर रचना

Onkar said...

बहुत सुन्दर

Aparna Bose said...

waah..kya baat

sushma 'आहुति' said...

खुबसूरत रचना.....

Digamber Naswa said...

बहुत खूब .. रख दो खुद को यहीं कहीं ... ढूंढ लूँगा फुरसत में ... क्या बात कही है ... लाजवाब स ख्याल ..

Anonymous said...


umda nazm!








vartika!!

इमरान अंसारी said...

वाह... यूँ ही कही रखकर नाम पता लिखकर भूले कोई .....

हिमकर श्याम said...

बेहद ख़ूबसूरत ख्यालात... सीधे सच्चे प्रेम की सहज अभिव्यक्ति...लफ़्ज़ों की लयात्मकता प्रभावित करती है...शुक्रिया...

Rahul... said...

ये तो गज़ब है..शब्दों व भाव का मेल...

prritiy----sneh said...

bahut hi achhi rachna, palkon ki kor ko bhigo gai...shayad kisi ki yaad dila gai...

shubhkamnayen

VenuS "ज़ोया" said...

aahaaa.....wow...ik ajeeb si lazzat mili pdte waqt...yaad rkhnaa..ki hnsne ki aadat me...lov this line


lov yr words

:)
take care

Ankur Jain said...

खूबसूरत रचना...

संजय भास्‍कर said...

बेहद ख़ूबसूरत ख्यालात

सुशील कुमार जोशी said...

बहुत अच्छा लिखती हैं !

सहज साहित्य said...

कविता तो खूबसूरत है ही , चित्र का संयोजन भी तदनुरूप है । हार्दिक बधाई ।

राजीव कुमार झा said...

बहुत सुंदर.

Prasanna Badan Chaturvedi said...

वाह...सुन्दर पोस्ट...
आप को होली की बहुत बहुत शुभकामनाएं...
नयी पोस्ट@हास्यकविता/ जोरू का गुलाम

गिरिजा कुलश्रेष्ठ said...

जब स्नेह गहरा होता है तब किसी को तलाशने की जरूरत नही होती । वह अपने भीतर ही समया होता है हर पल ..।

M VERMA said...

बहुत सुंदर सशक्त

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

ज़िन्दगी की लज़्ज़त में मेरी कोई भूल रखना ...कमाल ही रचती हो ।